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मिताली राज प्रकरण से आहत सुनील गावस्कर ने बयां किया अपना दर्द

आईसीसी महिला वर्ल्ड टी-20 के दूसरे  सेमीफाइनल में मिताली राज को न खिलाए जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस विवाद पर जमकर आलोचनाएं हो रही है। इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी इससे काफी आहत हैं और वह मिताली राज के समर्थन में खड़े उतरे हैं। गौरतलब है कि आईसीसी महिला विश्व टी-20 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लागातार चौथी जीत दर्ज की, लेकिन विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत को इंग्लैंड के हाथों 8 विकेट के करारी हार का समाना करना पड़ा था। इस मैच में शानदार फॉर्म में चल रही मिताली राज टीम से बाहर रखा गया था। सेमीफाइनल में मिली हार के बाद यह विवाद जोर पकड़ लिया।बता दें कि इस विवाद को लेकर काफी आलोचनाएं की जा चुकी है और फिलहाल यह जारी है। इस कड़ी में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने ‘इंडिया टूडे’ से बातचीत में कहा, ‘मैं मिताली के लिए बेहद दुखी महसूस कर रहा हूं। वह काफी अच्छी खेलती हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में 20 साल दिए हैं।  उन्होंने इस टूर्नामेंट में भी अच्छा स्कोर किया और दो मैचों में मैन ऑफ द मैच भी रहीं।’गावस्कर ने आगे कहा, ‘वह एक मैच में चोटिल थीं, लेकिन अगले मैच में वह फिट हो गई थीं। ठीक इसके उलट यदि आप पुरुष टीम की बात करें तो क्या विराट एक मैच में चोटिल हो जाते हैं तो अगले नॉआउट मैच में वह पूरी तरह से फिट हो जाते हैं तो क्या आप उन्हें बाहर बैठाओगे। नॉकआउट मुकाबले में टीम को अपने बेस्ट खिलाड़ी को शामिल करना चाहिए था। आपको उनके अनुभव और क्लास की आवश्यकता है।’69 वर्षीय गावस्कर ने कहा, ‘कोच रमेश पोवार की इन हरकतों पर कमेंट करना कठिन होगा लेकिन यह साफ है कि जो उन्होंने मिताली को बाहर बिठाने का कारण दिया है, वह गलत है।’ बता दें कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वन-डे कप्तान मिताली राज ने बीसीसीआई को शिकायती पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कोच रमेश पोवार पर पक्षपात का आरोप लगाया। राज का आरोप है कि पोवार ने वेस्टइंडीज में वर्ल्ड टी-20 की शुरुआत से ही उन्हें अपमानित किया। उन्होंने अपने पत्र में खुलासा किया कि वर्ल्ड टी20 के सेमीफाइनल में टीम इंडिया से बाहर होने पर वह काफी निराश और हैरान हुईं। राज ने शिकायती पत्र में यह भी बताया कि कोच ने उन्हें ड्रेसिंग रूम में नजरबंद कर दिया था।’मिताली ने कहा, ‘मैं देश के लिए विश्व कप जीतना चाहती थी। मुझे दुख है कि हमने सुनहरा मौका गंवा दिया।’ उन्होंने भारत की पूर्व कप्तान एडुल्जी को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने उसे बाहर रखने के फैसले का समर्थन किया था। मिताली ने कहा, ‘मैने हमेशा डायना एडुल्जी पर भरोसा जताया ओर उनका सम्मान किया। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि वह मेरे खिलाफ अपने पद का दुरूपयोग करेगी। खासकर तब जबकि वेस्टइंडीज में जो कुछ मेरे साथ हुआ, मैं उन्हें बता चुकी थी।’