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चालान में हेराफेरी कर 63 हजार रुपये डकार गया ट्रैफिक सिपाही, एफआईआर दर्ज

राजधानी में वाहन चेकिंग के दौरान चालान के रुपये डकारने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यातायात पुलिस का सिपाही धीरज कुमार इंद्राणा चालान की पर्ची में कार्रवाई और शमन शुल्क में हेरोफेरी कर रहा था।

मंगलवार को एएसपी यातायात रवि शंकर निम ने यातायात पुलिस लाइन में शमन पुस्तिका और कैश बुक की जांच की तब यह खेल सामने आया। उन्होंने कैंट थाना में सिपाही धीरज कुमार इंद्राणा के खिलाफ गबन की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई। कैंट पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

एएसपी यातायात ने बताया कि चालान का शमन शुल्क हड़पने का सिलसिला करीब दो महीने से चल रहा था। उन्होंने यातायात पुलिस लाइन स्थित क्षेत्राधिकारी कार्यालय में शमन पुस्तिका और कैश बुक मंगाकर पड़ताल की तो भारी गड़बड़ी सामने आई। सात महीने से सिपाही धीरज कुमार इंद्राणा शमन शुल्क काट रहा था।

उसकी 23 अगस्त से 15 नवंबर के बीच किए गए चालान और वसूले गए शमन शुल्क की धनराशि में काफी अंतर पाया गया। बकौल एएसपी यातायात, करीब 50 चालान ऐसे पाए गए जिसमें सिपाही ने हेराफेरी की थी। उसने चालान पुस्तिका में कार्यालय और वाहन चालक की प्रति में अलग-अलग धनराशि भरी।वाहन चालक की प्रति में 1200 से 2000 रुपये अथवा इससे अधिक जुर्माना भरकर पूरा शमन शुल्क वसूला जबकि कार्यालय की प्रति में जुर्माना राशि कम दिखाई। इस प्रकार कुल 50 मामलों में उसने 63,100 रुपये शमन शुल्क का गबन किया।

एएसपी यातायात ने कहा कि इस काम में सिपाही के साथ यातायात विभाग के अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत भी शामिल है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।