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मोदी को पाक ने दिया सार्क में आने का न्योता, इसी हफ्ते चीन के राष्ट्रपति से भी मिलेंगे प्रधानमंत्री

Indian PM Modi to be invited to attend Saarc summit: pak Foreign Office

पाक विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सार्क शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता भेजेंगे। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने पहले भाषण में ही कह चुके हैं कि अगर भारत शांति और बातचीत के लिए एक कदम बढ़ाता है, तो पाकिस्तान दो कदम आगे आएगा। उधर, मोदी 30 नवंबर को अर्जेंटीना में होने वाली जी-20 समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंग

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने कहा कि हमने भारत के खिलाफ एक युद्ध लड़ा है, रिश्ते इतनी आसानी से ठीक नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि करतारपुुर कॉरिडोर का उद्घाटन बुधवार को होगा। यह 6 महीने में पूरा हो जाएगा। इससे भारत के सिख समुदाय को करतारपुर साहिब आने के लिए वीजा की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। विदेश मंत्रालय ने करतारपुर के उद्घाटन समारोह को कबर करने के लिए भारतीय मीडिया को भी आमंत्रण दिया।19वें सार्क शिखर सम्मेलन का आयोजन 2016 में पाकिस्तान में किया जाना था लेकिन भारत समेत बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने इस समिट में हिस्सा नहीं लिया था। 18 सितंबर को भारत में जम्मू कश्मीर के उड़ी में भारतीय आर्मी कैंप पर आतंकी हमला हुआ था। हमले के विरोध में भारत ने सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था। वहीं, बांग्लादेश घरेलू परिस्थितियों का हवाला देते हुए इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ था। जिसके बाद ये सम्मेलन रद्द करना पड़ा था।

सार्क की स्थापना 1985 में की गई थी। सार्क शिखर सम्मेलन, दक्षिण एशिया के आठ देशों के राष्ट्राध्यक्षों की होने वाली बैठक है, जो हर दो साल में होती है। सार्क में अफगानिस्तान, भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और मालदीव शामिल हैं। आखिरी सार्क शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में आयोजित किया गया था। उससे पहले 2011 में मालदीव में 17वां सार्क सम्मेलन आयोजित हुआ था।विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी किया, अर्जेंटीना में होने वाली जी-20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात होगी।’ चीन के वुहान में हुई अनौपचारिक मुलाकात के बाद से दोनों नेताओं दो बार मिल चुके हैं। मोदी और जिनपिंग की मुलाकात जून में चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन समिट के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों नेता जुलाई में साउथ-अफ्रीका में ब्रिक्स सम्मेलान के दौरान मिले थे।