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वॉट्सऐप ग्रुप ‘ट्रिपल एक्स’ पर महिला के साथ ‘गंदी बात’, मुंबई से पकड़ा गया ऐडमिन

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मुंबई में एक ऐसे वॉट्सऐप ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर को गिरफ्तार किया गया है, जिसने एक महिला का मोबाइल नंबर बगैर इजाजत लिए ग्रुप से जोड़ लिया था। बता दें कि जिस ग्रुप में महिला का नंबर जोड़ा गया था, उसमें पॉर्नोग्राफिक कॉन्टेंट शेयर किया जाता था। बंगाल में कारपेंटर का काम करने वाले मुश्ताक अली शेख (24) अब पुलिस हिरासत में है। मुश्ताक को एक महिला की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत आईटी ऐक्टकी 67 और 67-ए के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। यही नहीं, मुश्ताक को गुरुवार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कहा, ‘यह सभी वॉट्सऐप ग्रुपों के एडमिनिस्ट्रेटर्स को सबक है कि वह किसे ग्रुप में जोड़ रहे हैं और उसमें क्या पोस्ट किया गया है।’ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर मारुति शेल्के बताते हैं कि महिला शिकायतकर्ता (जो कि हाउसवाइफ हैं) के मुताबिक उन्हें सितंबर महीने में एक ग्रुप में जोड़ लिया गया, जिसका नाम था ‘Triple XXX’ ट्रिपल एक्सएक्सएक्स। शेल्के ने कहा, ‘महिला ने पहले सोचा कि शायद यह उनके दोस्तों ने कोई मजाक किया है। हालांकि, बाद में उन्हें इस ग्रुप में पॉर्नोग्राफिक फोटोज और विडियो दिखने लगे, जिस पर उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराई।’ शिकायतकर्ता ने बताया कि जब अगले दिन सुबह उन्होंने एडमिनिस्ट्रेटर और ग्रुप के 12 सदस्यों के नंबर देखे तो उन्हें यह पता चला कि वह उनमें से किसी को भी नहीं जानती हैं। सीनियर इन्स्पेक्टर भारत भोइते ने बताया कि शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने पता लगाया कि शेख का फोन नंबर पश्चिम बंगाल का है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ‘अब हम पश्चिम बंगाल के लिए एक टीम भेजने ही वाले थे, तभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर ने हमें बताया कि शेख मुंबई में ही है। उसे सायन-धारावी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।’ शेल्के ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान शेख ने माफी मांगी और कहा कि उसने गलती से महिला का नंबर जोड़ लिया था। उसने यह सोचा था कि नंबर उसके रिश्तेदार का है और उसे कतई याद नही कि कैसे उसके पास महिला शिकायतकर्ता का नंबर आया। उसने यह भी कहा कि उसका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था और यह ग्रुप जो कि उसके एक दोस्त ने बनाया था उसमें कोई भी महिला सदस्य नहीं है।’ पुलिस ने शेख का फोन जब्त कर इसे फरेंसिक लैब में भेज दिया है ताकि इसका पूरा डेटा निकाला जा सके। इसके इतर पुलिस अन्य ग्रुप मेंबर्स के साथ कॉल डीटेल्स निकालने में जुट गई है ताकि उन्हें शेख के खिलाफ गवाह बनाया जा सके। बता दें कि आईटी ऐक्ट 2000 के तहत पहली बार इस अपराध पर शेख को पांच वर्षों की जेल की सजा हो सकती है और दोबारा गलती दोहराने पर उसे सात वर्षों से ज्यादा के लिए जेल भेजा जा सकता है, साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।