देश राजनीती होम

भाषण में मां-बाप को लाना एक प्रधानमंत्री का स्तर नहीं : फारूक अब्दुल्ला

भाषण में मां-बाप को लाना एक प्रधानमंत्री का स्तर नहीं, क्या यह PM मोदी को शोभा देता है: फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने राजनीति में निजी बयानबाजियों और परिवारों को लेकर की जा रही छींटाकसी पर सोमवार को बेबाक राय रखी. साथ ही चुनावी सभाओं में पीएम मोदी के बयान को लेकर आड़े हाथों लिया. फारूक अब्दुल्ला ने पीएम मोदी पर हमला बोला और कहा कि पीएम मोदी को देश का प्रधानमंत्री होने के नाते उन्हें थोड़ा बड़ा सोचना चाहिए. फारूक अब्दुल्ला मनीष तिवारी की पुस्तक ”फेबल्स ऑफ फ्रैक्चर्ड टाइम्स’  के विमोचन के मौके पर यह बातें कहीं. इस दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी मौजूद थे. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ‘पीएम कहते हैं कि मेरी मां को गाली दिया, मेरे बाप को गाली दिया. क्या यह एक पीएम को शोभा देता है? मैंने कभी अपने माता-पिता का अपनी बातों में इस्तेमाल नहीं किया. इस देश का प्रधानमंत्री होने के नाते उन्हें थोड़ा बड़ा सोचना चाहिए.’नेहरू ने इस देश के लिए क्या योगदान दिया, यह भूलने के लिए भाषा की गुणवत्ता खत्म होती जा रही है. इंदिरा गांधी ने इस देश को क्या दिया, उसने अपना जीवन दिया. राजीव गांधी और अन्य प्रधानमंत्रियों ने क्या इस देश को बनाने के लिए अपना पूरा समय नहीं दिया? अगर हम यहां बैठे हैं तो यह उन्हीं की बदौलत है.

अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे कहा था कि जब उन्होंने अपना पहला भाषण दिया, नेहरू उनके पास गए और कहा- अटल, आप एक दिन इस देश के प्रधानमंत्री बनोगे. जबकि वह RSS की पृष्ठभूमि से थे. अटल बिहारी वाजपेयी को पता ता कि यह देश एक से नहीं बन सकता. इस देश को अतीत में जिन्होंने भी बनाया है, उन्हें भूलाया नहीं जा सकता. उन्होंने आगे कहा कि जिस मुद्दे पर मैं कांग्रेस के खिलाफ हूं वह यह कि उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न तब देना चाहिए था जब वह स्वस्थ और जिन्दा थे.