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केंद्र का निर्देश- पहली और दूसरी के बच्चों को होमवर्क न दें

प्रतीकात्मक तस्वीर

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पहली और दूसरी के छात्रों को होमवर्क ना दिया जाए। उनके बस्ते का वजन भी डेढ़ किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मंत्रालय ने पहली से दसवीं क्लास तक के बच्चों के बस्तों का वजन भी तय कर दिया है। देशभर के स्कूलों को ये निर्देश जारी किए गए हैं।

पहली-दूसरी के बच्चों को केवल गणित और भाषाएं पढ़ाई जाएं

  1. मंत्रालय के मुताबिक, विषयों की पढ़ाई और बस्तों के वजन को केंद्र सरकार के निर्देशों के हिसाब से ही नियंत्रित किया जाए। शिक्षण संस्थान पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को होमवर्क नहीं दे सकते।
  2. निर्देशों में कहा गया- पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के लिए भाषा और गणित के अलावा कोई दूसरा विषय तय नहीं किया जाना चाहिए। तीसरी से पांचवीं तक एनसीईआरटी द्वारा तय भाषा, गणित और पर्यावरण विज्ञान के अलावा दूसरे विषय नहीं पढ़ाने चाहिए।
  3. मंत्रालय ने स्कूलों से कहा कि छात्रों को अतिरिक्त किताबें और सामान लाने को नहीं कहा जा सकता। बस्ते का वजन भी तय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।
  4. पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के बस्तों का वजन 1.5 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। तीसरी से पांचवीं तक बस्तों के वजन की सीमा 2 से 3 किलो तय की गई है।
  5. छठी और सातवीं क्लास तक बस्ते का वजन 4 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आठवीं और नौवीं तक ये सीमा 4.5 किलो है। 10वीं के छात्रों का बस्ता 5 किलो से ज्यादा भारी नहीं होना चाहिए।