देश होम

बीस साल से मुकर रहा था पाकिस्तान : करतारपुर कॉरिडोर

Paper artist Gurpreet Singh shows his creation, a paper model of Guru Nanak Dev Ji's gurudwara (Kart

पाकिस्तान की हुकूमत भारत सरकार की ओर से लगातार 20 वर्षों से करतारपुर कॉरिडोर के विकास और मार्ग खोलने की मांग पर चुप्पी साधे बैठी थी। भारत सरकार की ओर से इसके पहले किए गए अनुरोधों पर पाकिस्तान की ओर से कोई जवाब तक नहीं मिला था।

सूत्रों ने कहा कि पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा के बाद यह मामला जोर-शोर से उठा। लेकिन उनके पाक सेनाध्यक्ष के गले मिलने की वजह से पूरा मामला विवादों में घिर गया था। हालांकि, इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से पूछा था कि क्या इस संबंध में कोई फैसला किया गया है। लेकिन पाकिस्तानी  उच्चायोग ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। एक अधिकारी के मुताबिक, लिखित रूप से जानकारी मांगी गई लेकिन उन्होंने कुछ भी लिखकर नहीं दिया।गुरुवार को भारत सरकार के फैसले के बाद जब भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान को फैसले की जानकारी लिखित दी तो पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त ने आनन-फानन में पहले व्हाट्सऐप, फिर ई-मेल पर भारत सरकार को सूचना दी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी 28 तारीख को अपने इलाके में करतारपुर कॉरिडोर की नींव रख रहे हैं।सूत्रों ने पाकिस्तान के उन दावों को झूठ करार दिया, जिसमें कहा जा रहा है कि उन्होंने पहले ही भारत सरकार को इस संबंध में अवगत करा दिया था। सूत्रों ने कहा कि भारत की ओर से 1999, फिर वर्ष 2004 और 2008 में यह मामला जोर-शोर से उठाया गया। लगातार 20 साल से भारत की ओर से पाकिस्तान से करतारपुर कॉरोडोर खोलने की मांग की गई लेकिन वे इससे मुकरते रहे। इतना ही नहीं भारत की ओर से द्विपक्षीय प्रोटोकॉल 1974 के अनुपालन की मांग को भी पाकिस्तान ने सही भावना से स्वीकार नहीं किया। सूत्रों ने कहा कि हमारी तरफ से जो यात्री जाते हैं उन्हें हमारे उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने तक नहीं दिया जाता।सूत्रों ने कहा कि पंजाब में अशांति फैलाने के लिए खालिस्तान समर्थक समूहों को मदद देने के मामले में बेनकाब होने के बाद पाकिस्तान की हुकूमत अपना चेहरा बचाने की कवायद के तहत खुद को सिख समुदाय का हिमायती साबित करने का प्रयास कर रही है। जबकि वास्तव में उन्होंने इसके पहले सिख समुदाय के यात्रियों के लिए कई तरह की कठिनाईयां पेश कीं।सूत्रों ने कहा कि गुरुवार को कॉरिडोर के बारे में भारत सरकार की ओर से लिया गया फैसला गुरुनानक देव की 550वीं जयंती को देश-विदेश में जोर-शोर से मनाने की समग्र योजना का हिस्सा है। यह फैसला गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई क्रियान्वयन समिति के व्यापक विचार-विमर्श के बाद की गई सिफारिशों की परिणति है। इसके तहत गुरुनानक देव से जुड़े पवित्र स्थलों पर विशेष रेल चलाने, विदशों में भारतीय मिशनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित करना, यूके और कनाडा में चेयर की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है।