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बिहार: DM के आदेश पर पिटाई से भड़के डॉक्टर, अस्पतालों में ओपीडी बंद

बिहार: DM के आदेश पर पिटाई से भड़के डॉक्टर, अस्पतालों में ओपीडी बंद, दो की मौत

 बिहार में भोजपुर  डीएम के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से हाजिरी नहीं बनाने पर हुए विवाद और दुर्व्‍यवहार से आक्रोशित डॉक्टरों ने राज्यभर के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी ठप कर दी। इसका असर राजधानी से सुदूर जिलों तक के अस्पतालों में देखा गया। मंगलवार रात तक एक नवजात व महिला की इलाज के अभाव में मौत हो चुकी थी। रात में एक अन्य मरीज की भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम नहीं होने से कई शव भी लावारिस पड़े हुए हैं।
भोजपुर  डीएम के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से हाजिरी नहीं बनाने पर हुए विवाद और दुर्व्यवहार से आक्रोशित डॉक्टरों ने राज्यभर के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी ठप कर दी। इसका असर राजधानी से सुदूर जिलों तक के अस्पतालों में देखा गया।  आरा सदर अस्पताल में आधी रात के बाद सिविल सर्जन ने इमरजेंसी में एक डॉक्टर की तैनाती की थी, जिसे भासा पदाधिकारियों ने सुबह भगा दिया। इसके बाद सिविल सर्जन ने आयुष डॉक्टर को इमरजेंसी में तैनात किया है। हड़ताल से एक नवजात व महिला की इलाज के अभाव में मौत हो गई। रात में एक अन्य मरीज की भी मौत हो गई। उसे मंगलवार को अस्पताल में  भर्ती कराया गया था। पोस्टमार्टम नहीं होने से कई शव भी लावारिस पड़े हुए हैं। हालात सुधारने के लिए बुधवार सुबह आरा जिलाधिकारी डॉ. संजीव कुमार वार्ता करने सदर अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उनसे कोई बात नहीं की।  डीएम को हटाने, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट व आइपीसी की धाराओं के तहत डीएम पर कार्रवाई  समेत चार मांगों के समर्थन में एक ओर डॉक्टर गोलबंद हो गए हैं। वहीं जिला प्रशासन भी डीएम आवास में हंगामा करने वाले डॉक्टरों पर प्राथमिकी की बात कह रहा है।
जिला प्रशासन ने हंगामा करने वाले डॉक्टरों का एक वीडियो भी जारी किया है। वहीं, सुबह पटना से भासा व आइएमए के पांच राज्यस्तरीय पदाधिकारी आरा पहुंचे और मामले की जानकारी ली। आरा में डॉक्टर प्रदर्शन करने के बाद पटना में बैठक कर आगे की रणनीति बनाएंगे। आइएमए के वरीय उपाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि इस मामले में डीएम के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में केस कराया जाएगा।  पटना के अलावा बक्सर, बेगूसराय, वैशाली, आरा, सिवान, छपरा समेत तमाम जिलों में डीएम की कार्रवाई के विरोध में सदर, अनुमंडलीय, पीएचसी और एपीएचसी अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप रही। इससे दूरदराज से आए मरीज परेशान रहे।  सरकार ने ईद मिलादुलनबी के अवकाश को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से अवकाश घोषित कर रखा था। हालांकि, इमरजेंसी में एक डॉक्टर की तैनाती होनी चाहिए थी। यह भी कारण है कि ओपीडी बंद काफी प्रभावी दिख रहा है।

इस बाबत भासा (अखिलेश गुट) के महासचिव डॉ. अमिताभ कुमार ने कहा कि डॉक्टर ने यदि हाजिरी नहीं बनाई थी तो उसे सिविल सर्जन के माध्यम से बुलाया जाना चाहिए था। फोर्स भेज कर एक डॉक्टर को बुलाना कतई अनुचित है। डीएम को वहां से हटाकर मामले की जांच करवा, सरकार को जल्द उचित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी नहीं हो। डॉक्टरों ने कहा है कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो वे हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सहित सभी सेवाएं बंद रखेंगे। यह फैसला बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) की कोर कमेटी की बैठक में लिया गया। भासा ने अपने इस फैसले से स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और प्रधान सचिव संजय कुमार को अवगत करा दिया है।  भासा के महासचिव डॉ. रंजीत कुमार ने कहा कि भोजपुर डीएम ने इमरजेंसी सेवा में लगे कुछ चिकित्सकों को अपने आवास पर बुलाकर अपने सुरक्षा कर्मियों द्वारा उनकी पिटाई करवाई। उनपर ड्यूटी से गायब रहने का आरोप लगाया। पिटाई में डॉ. टी. अंसारी, डॉ. अरुण और डॉ. नरेश घायल हुए हैं जिनका इलाज भोजपुर सदर अस्पताल में चल रहा है। डॉ. रंजीत ने बताया कि अगर 24 घंटे के अंदर भोजपुर डीएम के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो बुधवार रात्रि 12 बजे से अस्पतालों में हर सेवा ठप कर दी जाएगी। भासा ने अपनी चार मांगों से स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करा दिया है। इनमें चिकित्सक सुरक्षा नियमावली 2018 और आइपीसी की संबंधित धारा के तहत भोजपुर डीएम पर कानूनी कार्रवाई, भोजपुर डीएम की मानसिक स्थिति की जांच एवं जिला स्वास्थ्य समितियों से डीएम को हटाया जाना शामिल है।