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दोषी करार दिए गए पीएसी के जवान आज करेंगे सरेंडर : हाशिमपुरा कांड

Hashimpura case

मेरठ के हाशिमपुरा कांड में दोषी करार दिए गए पीएसी के 15 जवानों को सरेंडर करने के लिए दिया गया वक्त आज पूरा हो जाएगा। गुरुवार को दोषी जवान दिल्ली की तीस हजारी अदालत में सरेंडर कर सकते हैं। इस दौरान उनके परिजन भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि सरेंडर के बाद इन जवानों को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है।

इस प्रकरण में 31 अक्तूबर को फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएसी के 16 जवानों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसमें से एक जवान की चार महीने पहले मौत चुकी है। शेष 15 जवानों को सरेंडर करने के लिए 22 नवंबर तक का वक्त दिया गया था। अधिवक्ता प्रशांत शर्मा ने बताया, कुछ जवान गुरुवार को तीस हजारी अदालत में मुख्य महानगर दंडाधिकारी जस्टिस आशु गर्ग की अदालत में पहुंचकर सरेंडर करेंगे। सभी जवान सरेंडर करेंगे या कुछेक ही, इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। माना जा रहा है कि यदि सभी जवानों ने गुरुवार तक सरेंडर नहीं किया तो उसके बाद कभी भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।

उधर, सरेंडर के साथ ही पीएसी जवानों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। इसी माह के अंत तक याचिका दायर की जा सकती है। बता दें कि 22 मई 1987 को मेरठ के हाशिमपुरा में एक व्यक्ति की हत्या के बाद माहौल भड़का था। सर्च ऑपरेशन के नाम पर पीएसी जवानों पर 43 लोगों की हत्या कर मुरादनगर गंगनहर में फेंकने का आरोप है। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने 38 लोगों की हत्या मानी है।

सुप्रीम कोर्ट ने केस दिल्ली ट्रांसफर किया था: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले को 2002 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। वर्ष 2006 में आरोप तय हुए। अभियोजन पक्ष की ओर से 91 लोगों की गवाही हुई। फैसले में एडिशनल सेशन जज संजय जिंदल ने कहा कि यह बहुत तकलीफदेह है कि कुछ निर्दोष लोगों को इतनी यंत्रणा झेलनी पड़ी और एक सरकारी एजेंसी ने उनकी जान ली।पीएसी के जवानों ने इस कांड को अंजाम दिया जिसमें 78 वर्षीय गवाह रणबीर सिंह बिश्नोई ने एक केस डायरी सौंपी थी। इस केस डायरी में कथित रूप से शामिल सभी पीएसी के जवानों के नाम शामिल हैं। डायरी में 1987 में मेरठ पुलिस लाइंस में तैनात पीएसी कर्मियों के नाम दर्ज हैं।.अखिल भारत हिन्दू महासभा हाशिमपुरा कांड के आरोपी पीएसी जवानों के पक्ष में खुलकर आ गई है। हिन्दू महासभा के पदाधिकारी गुरुवार को नई दिल्ली स्थित तीस हजारी कोर्ट जाएंगे। वहां पीएसी के आरोपी जवानों को माला पहना कर माफी मांगेंगे, तब सरेंडर की कार्रवाई होगी। अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक शर्मा और प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 1987 के हाशिमपुरा कांड के लिए पीएसी के जवान दोषी नहीं हैं। पीएसी के जवानों ने तो मेरठ शहर को हिंसा से बचाने का काम किया था। वे लोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वाईके वर्मा के साथ गुरुवार को नई दिल्ली तीसहजारी कोर्ट में जाएंगे। सरेन्डर करने से पहले सभी पीएसी के जवानों को मेरठ शहर की ओर से माला पहनायी जाएगी और उनसे माफी मांगी जाएगी। पीएसी ने हिंसा को शांत करने का काम किया था। .

1.    कमरुद्दीन 22 वर्ष

2.    कदीर 50 वर्ष

3.    हाजी शमीम 43 वर्ष

4.    इकबाल उर्फ बाली 29 वर्ष

5.    मो.यामिन 65 वर्ष

6.    मो. नईम 50 वर्ष

7.    अशरफ    20 वर्ष

8.    सिराज    22 वर्ष

9.    हाजी मुस्तकीम    55 वर्ष

10.    इस्लामुद्दीन    21 वर्ष

11.    जावेद    13 वर्ष

12.    जहीर अहमद    45 वर्ष

13.    अय्यूब    17 वर्ष

14.    कय्यूम    14 वर्ष

15.    मो.यूनुस    13 वर्ष

16.    नईम    15 वर्ष

17.    अलाउद्दीन    16 वर्ष

18.    अखलाक    45 वर्ष

19.    महताब    20 वर्ष

20.    सदरुद्दीन    35 वर्ष

21.    आसिफ    18 वर्ष

22.    जमशेद    18 वर्ष

23.    शमशाद    15 वर्ष

24.    निजामुद्दीन    16 वर्ष

25.    अब्दुल हक    24 वर्ष

26.    रिजवान    22 वर्ष

27.    नईम    14 वर्ष

28.    मुन्ना    40 वर्ष

29.    मोईनुद्दीन    40 वर्ष

30.    कौशर अली    15 वर्ष

31.    मो.नसीम    17 वर्ष

32.    मो.यूसुफ    24 वर्ष

33.    मो. शाकिर    18 वर्ष

34.    मोईनुद्दीन    35 वर्ष

35.    अब्दुल माजिद    70 वर्ष

36.    मास्टर हनीफ    56 वर्ष

37.    दीन मोहम्मद    24 वर्ष

38.    मो.हुसैन    40 वर्ष

39.    जमील अहमद    43 वर्ष

40.    मो.सलीम    37 वर्ष

41.    मो.नईम रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध
42.    इस्लामुद्दीन    51 वर्ष

43.    अब्दुल अजीज, रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध

ये हैं आरोपी जवान
1.    सुरेश चंद शर्मा पुत्र होतीलाल, गांव खेमपुर (अलीगढ़)

2.    निरंजनलाल पुत्र देवीराम, गांव हिम्मतपुर (एटा)

3.    बसंत वल्लभ पुत्र विष्णु दत्त, गांव पंत क्वारियली (उत्तराखंड)

4.    रनबीर सिंह पुत्र सुंदर सिंह, डिबाई (बुलंदशहर).

5.    समीउल्लाह पुत्र अली हुसैन, गांव भारथापट्टी (देवरिया).

6.    महेश प्रसाद पुत्र कवलेश्वर सिंह, गांव भैरोली (गोरखपुर).

7.    जयपाल सिंह पुत्र दिलावर सिंह, गांव भैंसी (मुजफ्फरनगर).

8.    रामध्याम पुत्र स्वामीनाथ, गांव गनावली (देवरिया).

9.    श्रवण कुमार पुत्र रामसूरत यादव, मधैया (गोरखपुर).

10.    लीलाधर पुत्र सिरोमणि लोहिणी, गांव भानर (अल्मोड़ा).

11.    हमबीर सिंह पुत्र पंचाम सिंह, गांव नंगला बतूल (अलीगढ़).

12.    कुंवरपाल सिंह पुत्र फीरू सिंह, गांव खरदोई (शामली).

13.    बुधा सिंह पुत्र लेखराज, गांव राजकपुर (अमरोहा).

14.    बुधी सिंह पुत्र रामजीलाल, गांव हरचना (बुलंदशहर).

15.    मोहकम सिंह पुत्र गेंदालाल यादव, गांव जवाहरपुर (इटावा).

16.    कमल सिंह (मृत) पुत्र सोहन सिंह, गांव सिरोंधन (बुलंदशहर).

17.    सुरेन्द्र पाल सिंह, पीएसी कंपनी कमांडर (मृत).

18.    कुश कुमार (मृत).

19.    ओमप्रकाश (मृत) .