देश राजनीती होम

दूसरे चरण में शाम 6 बजे तक 72% वोटिंग : छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावअधिकारियों ने बताया कि राज्य में मतदान के लिए लोग काफी जोश में नजर आए और सुबह से ही मतदान केद्रों के सामने मतदाताओं की लंबी कतार देखी गई। राज्य में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं ने मतदान में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वहीं बुजुर्ग मतदाता भी मतदान करने के लिए पोलिंग बूथ तक पहुंचे। मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों, भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय, राजनांदगांव लोकसभा के सांसद अभिषेक सिंह, विधानसभा में विपक्ष के नेता टी एस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान किया।  के दूसरे और अंतिम चरण में मंगलवार को शाम 5 बजे मतदान समाप्त हो गया। वोटिंग को लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया। देर शाम तक तमाम मतदाता कतार में लगे अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक शाम 6 बजे तक 71.93 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है क्योंकि शाम 6 बजे के बाद भी कई इलाकों में वोटर लाइन में लगे हुए थे। राज्य में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 8 बजे राज्य के 19 जिलों की 72 विधानसभा सीटों पर मतदान प्रारंभ हुआ और शाम 5 बजे मतदान समाप्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मरवाही विधानसभा के मतदान केंद्र सेमरा में पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र कुमार मंडावी और धनौली मतदान केंद्र के कर्मचारी कमल किशोर तिवारी को जिला निर्वाचन अधिकारी पी दयानन्द ने पोलिंग एजेंट की शिकायत के बाद निर्वाचन कार्य से अलग कर दिया। पोलिंग एजेंट ने पक्षपात करने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 1079 उम्मीदवारों ने निर्वाचन में भाग लिया, जिसमें से 113 अनुसूचित जाति और 176 अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं। इसमें 119 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 19,336 थी। इसमें संवेदनशील मतदान केन्द्र 444 और संगवारी (मित्र) मतदान केन्द्र 118 हैं। संगवारी मतदान केंद्रों में मतदान दल की सभी सदस्य महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के मतदान में कुल मतदाताओं की संख्या 1,54,00,596 थी। इसमें पुरुष मतदाता 77,53,337 और महिला मतदाता 76,46,382 थे। वहीं अन्य लिंग के 877 मतदाता थे। मतदान संपन्न कराने के लिए 84,688 मतदान कर्मियों को नियुक्त किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लगभग डेढ़ लाख जवानों को तैनात किया गया था। राज्य के गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, कबीरधाम, जशपुर और बलरामपुर जिले के कुछ हिस्से नक्सल प्रभावित हैं। इन जिलों में सुरक्षा बल के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया। दूसरे चरण में 72 सीटों में से 17 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और नौ अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इन 72 सीटों में से 43 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस को 27 और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को एक सीट पर जीत मिली थी जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई थी। राज्य में इससे पहले हुए चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस ही आमने-सामने रहती थी। इस बार के चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) और बीएसपी गठबंधन द्वारा चुनाव लड़ने से कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है। राज्य में बीजेपी पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है। इस बार बीजेपी 65 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करके चौथी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में है। वहीं लंबे समय से सत्ता से दूर कांग्रेस को उम्मीद है कि जनता इस बार बदलाव के लिए वोट दे रही है। छत्तीसगढ़ में पहले चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र की 18 सीटों के लिए इस महीने की 12 तारीख को मतदान हुआ था। इस दौरान इस क्षेत्र के 76 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले थे। सभी 90 सीटों पर 11 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। इसी दिन मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आएंगे।