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‘डॉक्टर’ देता था ड्रग इंजेक्शन, फिर 34 लड़कियों के साथ हुआ रेप

'डॉक्टर' देता था ड्रग इंजेक्शन, फिर 34 लड़कियों के साथ हुआ रेप

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण कांड में एक फर्जी डॉक्टर लड़कियों को इंजेक्शन देता था. इससे लड़कियों को दर्द कम होता था और नींद भी आती थी. मंगलवार को सीबीआई ने अश्विनी नाम के फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है.फर्जी डॉक्टर शेल्टर होम विजिट करता था और लड़कियों को ड्रग के इंजेक्शन देता था. झोला झाप डॉक्टर अश्विनी मुजफ्फरपुर के कुरहनी ब्लॉक में एक क्लिनिक भी चलाता था. उधर, मामले में नई जानकारी सामने आई है कि सेवा संकल्प विकास समिति के शेल्टर होम में 5 लड़कियों की मौत हो गई थी. इससे पहले ये बताया गया था कि दो लड़कियों की यहां मौत हुई. बालिका गृह में 34 लड़कियों का रेप हुआ था. इन लड़कियों की उम्र 7 से 17 साल तक है. इस मामले का मुख्य आरोपी बालिका गृह संचालक ब्रजेश ठाकुर है. 31 मई 2018- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई की रिपोर्ट फरवरी 2018 में सरकार को सौंपे जाने के कई महीने बाद 31 मई को ब्रजेश ठाकुर सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया.14 जून- शेल्टर होम को सील कर दिया गया. महिला और बाल कल्याण मंत्रालय ने ये जानकारी दी. 26 जुलाई- सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की.29 जुलाई-  एक अन्य शेल्टर होम से 15 महिलाओं और बच्चों के गायब होने को लेकर ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ एक और एफआईआर किया गया. 2 अगस्त- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मामले पर जवाब मांगा. सीबीआई को शेल्टर होम का फॉरेंसिक जांच करने को कहा.3 अगस्त – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले को लेकर अफसोस जताते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य में कानून का शासन कायम हो.सीएम ने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. इससे पहले घटना पर कोई बयान नहीं देने के लिए उनकी आलोचना की गई थी.पिछले 5 सालों में करीब 450 लड़कियां ब्रजेश ठाकुर के बालिका गृह में लाई गई थीं. कुछ हफ्ते पहले तक इसी बालिका गृह में रह रहीं 42 लड़कियों का जब मेडिकल टेस्ट किया गया तो कई लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हुई. शुरुआत में 29 लड़कियों के साथ रेप की बात सामने आई. बाद में पांच और लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हुई. कुल 44 लड़कियां यहां रह रही थीं. मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर के ताकतवर लोगों में से एक था. उसके कई नामी नेताओं से भी संबंध थे. बिहार के समाज कल्याण विभाग की ओर से अनाथ, बेसहारा, सड़क पर रहने वाले बच्चे एवं बाल मजदूरी अथवा मानव व्यापार से मुक्त कराये गये बच्चों के लिए बालिका गृह चलाए जाते हैं. विभिन्न जिलों में मौजूद शेल्टर होम में 6 से 18 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाएं रहती हैं. इन बाल गृहों का संचालन राज्य सरकार द्वारा स्वयं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जाता है. इस मामले पर बिहार के विपक्षी पार्टियों ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला था और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था.