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आईसीसी ने बीसीसीआई के खिलाफ पाकिस्तान के मुआवजे का दावा किया खारिज

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के विवाद निवारण पैनल ने मंगलवार को बीसीसीआई के खिलाफ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के मुआवजे को दावे को खारिज कर दिया। पीसीबी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड पर द्विपक्षीय सीरीज से जुड़े सहमति पत्र (एमओयू) का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया था। पीसीबी ने गत वर्ष ‘भारी नुकसान’ का हवाला देते हुए आईसीसी के समक्ष आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्रक्रिया में पीसीबी ने बीसीसीआई से 70 मिलियन डॉलर (करीब 500 करोड़ रुपये) के नुकसान की भरपाई करने की मांग की थी। आईसीसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर पोस्ट पर लिखा, ‘विवाद निवारण पैनल ने बीसीसीआई के खिलाफ पाकिस्तान के मामले को खारिज कर दिया है।’ पीसीबी ने बीसीसीआई पर एमओयू का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए 70 मिलियन डॉलर (करीब 500 करोड़ रुपये) के मुआवजे की मांग की थी। इस एमओयू के तहत भारत को 2015 से 2023 के बीच पाकिस्तान से 6 द्विपक्षीय सीरीज खेलनी थीं।

आईसीसी के इस पैनल की अध्यक्षता इंग्लैंड के बैरिस्टर माइकल बेलोफ क्यूसी ने की जो ब्लैकस्टोन चैंबर्स के सदस्य भी हैं। बीसीसीआई ने इसके लिए ब्रिटेन के वकील इयान मिल्स की सुविधाएं लीं। इसके अलावा भारतीय लॉ फर्म सिरिल अमरचंद ने भी इसमें मदद की।

बीसीसीआई ने इसके जवाब में कहा था कि वह इस कथित एमओयू को मानने के लिए बाध्य नहीं है और यह कोई मायने नहीं रखता क्योंकि पाकिस्तान ने भारत द्वारा सुझाए आईसीसी के राजस्व मॉडल पर समर्थन की प्रतिबद्धता पूरी नहीं की। आईसीसी ने इसके बाद पीसीबी के मुआवजे दावे पर विचार के लिए तीन सदस्यीय विवाद निवारण समिति गठित की। इस मामले की सुनवाई एक से 3 अक्टूबर तक यहां आईसीसी के मुख्यालय में हुई। पूर्व विदेशी मंत्री सलमान खुर्शीद उन व्यक्तियों में शामिल रहे जिनसे सुनवाई के दौरान जिरह हुई। बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खुर्शीद ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट खेलने के इनकार करने के भारत के रुख को उचित ठहराया था।

खुर्शीद उस समय यूपीए सरकार में मंत्री थे, जब भारत और पाक ने एक दूसरे के खिलाफ द्विपक्षीय क्रिकेट खेलना बंद कर दिया था। बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने भी इस मामले में कानूनी सहायता को लेकर काफी मदद की।