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विवाद के बाद बैकफुट पर फुल्का, कांग्रेस ने बताया मानसिक दिवालिया : अमृतसर हमला

एच एस फुल्का (फाइल फोटो)

अमृतसर में हुए आतंकी हमले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेजी से हो रही है. आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फुल्का ने रविवार को कुछ ऐसा बयान दिया जिस पर जमकर बवाल हो रहा है. उन्होंने इस हमले के लिए सेना अध्यक्ष पर निशाना साधा तो उनके बयान पर कई नेताओं ने ऐतराज जताया.

फुल्का के इस बयान पर पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ता राजकुमार वेरका ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने फुल्का को मानसिक दिवालिया बताते हुए कहा कि हमारे देश के आर्मी चीफ और सैनिक हमारी शान हैं और उनके बारे में इस तरह का बयान देकर उन्होंने सेना का अपमान किया है.

हालांकि, बयान पर बवाल के बाद एच एस फुल्का ने सफाई भी दी. उन्होंने बाद में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने कहा कि मेरा बयान कांग्रेस के खिलाफ था, ना कि सेना प्रमुख के खिलाफ था.

वहीं दूसरी तरफ अकाली दल ने अमृतसर में हुए इस हमले की निंदा की है. अकाली दल ने इसको लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है.

शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने दावा किया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद पंजाब में कानून व्यवस्था बिगड़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ऐसे तत्वों को बढ़ावा दे रही है जिसका एकमात्र मकसद पंजाब की शांति भंग करना है. बादल ने एक बयान में कहा कि दुर्भाग्य से वर्तमान की कांग्रेस सरकार शांति की अपेक्ष राजनीति को तरजीह देती है.

शिअद नेता एवं केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘ अमृतसर में पहले बम और अब ग्रेनेड हमला, अब आगे क्या राजा साहब? कब आप और आपके मंत्री मुश्किल से हासिल की गई शांति को छिन्न भिन्न करने पर तुले तत्वों को बढ़ावा देना बंद करेंगे. राजनीति करना बंद करिए और गंभीरतापूर्वक शासन की ओर ध्यान दीजिए. पंजाब के लोग काले अध्याय की ओर वापस नहीं लौटना चाहते.’’

पंजाब के आम आदमी पार्टी के विधायक और विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे एचएस फुल्का ने विवादित बयान दिया. उन्होंने अमृतसर में निरंकारी समागम में हुए आतंकी हमले के लिए सेनाध्यक्ष बिपिन रावत को जिम्मेदार बता दिया है.

उन्होंने कहा, ” सेनाध्यक्ष बिपिन रावत पंजाब में आकर बोल गए थे कि राज्य पर आतंकी हमले का खतरा है.  हो सकता है कि उन्होंने ही अपने लोगों से ब्लास्ट करवाया हो ताकि उनका बयान गलत साबित ना हो.”