देश राजनीती होम

बेटे को नहीं मिला टिकट तो BJP में शामिल हुईं राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष

पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों से पहले नेताओं का पाला बदलने का दौर भी जारी है। एक पार्टी से अगर किसी नेता को टिकट नहीं मिल रहा है तो वह दूसरी पार्टी का दामन थाम ले रहा है और यह आम हो चला है। राजस्थान में भी कई ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं। कांग्रेस की ओर से अपने पुत्र को टिकट नहीं दिए जाने पर पूर्व कांग्रेस विधायक और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा ने रविवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

ममता शर्मा कांग्रेस की पूर्व में विधायक रह चुकी हैं और वह इस चुनाव में अपने बेटे के लिए कांग्रेस से टिकट मांग रही थीं। जब कांग्रेस की लिस्ट जारी हुई तो उसमें उनके बेटे का नाम नहीं था और इससे नाराज होकर ममता शर्मा ने रविवार शाम मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिला और भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की घोषणा कर दी। ममता शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें कोटा के पीपलदा विधानसभा क्षेत्र से टिकट देने का वादा किया है।

Mamta Sharma

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी से मैं अपने पुत्र के लिये टिकट की मांग कर रही थी, लेकिन पार्टी के लिये अत्यधिक काम करने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इससे पार्टी की कार्यशैली से मेरी भावनाएं आहत हुईं और इसलिये मैंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने का निर्णय लिया।’राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों के लिए 7 दिसंबर को मतदान होगा और नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे। इस राज्य की सियासत दिलचस्प है क्योंकि पिछले दो दशकों में कोई भी पार्टी सत्ता में दोबारा वापसी नहीं कर पाई है। राज्य में चुनावी मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच होता आया है।