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उपेन्द्र कुशवाहा पहले मंत्री का पद छोड़ें, फिर एनडीए पर साधें निशाना : भाजपा

बीते कई दिनों से अपने बयानों से एनडीए के घटक दलों पर निशाना साध रहे रालोसपा प्रमुख केंद्रीय राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा पर भाजपा हमलावर हो गई है। शनिवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में भाजपा कोटे के दो मंत्रियों ने उन पर वार किया। उधर, आज  ही पटना में  हुई रालोसपा  की अहम  बैठक के  बाद अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने  भी  कड़े तेवर दिखाते हुए भाजपा से 30 नवंबर तक सम्मानजनक सीट शेयर पर फैसला लेने को कहा है।

कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि अगर उपेन्द्र कुशवाहा को एनडीए छोड़ना है, तो पहले मंत्री पद त्यागें। एनडीए विरोधी मुहिम में शामिल होना है तो मंत्रिमंडल से इस्तीफा दें। वैसे फिलहाल रालोसपा एनडीए का हिस्सा है। पहले उनको तय करना चाहिए कि उन्हें केंद्र में रहना है या नहीं। निर्णय लेने के बाद वह स्वतंत्र हैं। अमित शाह उन्हें मिलने का समय क्यों नहीं दे रहे हैं, के सवाल पर कहा कि कई राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, इस कारण भाजपा अध्यक्ष अभी व्यस्त हैं। दूसरी ओर, खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह ने कहा कि कुशवाहा समाज बुद्धिजीवी है। इस समाज का कोई एक नेता ठेकेदार नहीं हो सकता है। कुशवाहा समुदाय किसी के कहने से उसके पीछे नहीं हो जाता है। सोच-समझ कर फैसला लेता है। कुशवाहा समुदाय एक नेता के कहने पर ही चलेगा, इसका दावा कोई नहीं कर सकता है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने को लेकर हो रही बयानबाजी पर मंत्री ने कहा कि वे चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा बयान दे रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष सभी से मिलते हैं। नहीं मिलने का सवाल नहीं है। इससे पूर्व राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की शनिवार को पटना में हुई कार्यकारिणी की अहम बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को सीट शेयरिंग के फार्मूले पर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 30 नवंबर तक यदि मुझे सम्मानजनक सीट देने का फैसला नहीं हुआ, तो समझेंगे कि भाजपा हमसे रिश्ता नहीं रखना चाहती है। उन्होंने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और उसके बाद ही अंतिम फैसला लेंगे। वह पहले खुद कोई फैसला नहीं लेंगे।