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अयोध्या-मथुरा में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध की तैयारी

राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या और मथुरा में शराब व मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि साधु-संतों की मांग पर इन दोनों धार्मिक स्थलों को तीर्थ स्थल घोषित करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। राज्य सरकार मथुरा परिक्रमा वाले क्षेत्र में पहले से मांस व मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लगा चुकी है।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सोमवार को बातचीत में कहा कि साधु-संतों और करोड़ों भक्तों की मांग है कि राम व कृष्ण की नगरी में मांस-मदिरा की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाए। राज्य सरकार उनकी मांग का सम्मान करते हुए अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा क्षेत्र के आसपास और मथुरा में भगवान कृष्ण जन्मस्थान के आसपास के इलाके को तीर्थ स्थल घोषित करने की योजना पर काम कर रही है। इन दोनों स्थानों के तीर्थ स्थान घोषित होने के बाद यहां स्वत: ही मांस-मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लग जाएगा।

श्री शर्मा ने कहा है कि तीर्थ स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम होते हैं और इसका अपना महत्व है। इसीलिए तीर्थ स्थान घोषित किए बिना अयोध्या व मथुरा में मांस-मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। राज्य सरकार ने अयोध्या और मथुरा में मांस-मदिरा पर प्रतिबंध की मांग को गंभीरता से लिया है। इन दोनों जगहों को तीर्थ स्थान घोषित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा का इलाका, मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान के आसपास के इलाके को तीर्थ स्थान घोषित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि मथुरा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गिरिराज जी (गोर्वधन) की सप्त कोसी परिक्रमा का इलाका पहले से ही तीर्थ स्थान घोषित है और वहां मांस-मदिरा की बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 6 नवम्बर को फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने की घोषणा कर चुके हैं। संतों का कहना है कि अयोध्या में मांस-मदिरा की बिक्री भगवान राम का अपमान है और इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इसके आधार पर अयोध्या के चौदह कोसी क्षेत्र को तीर्थ स्थल घोषित कर मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।