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BTC अभ्यर्थियों का विधान भवन के सामने प्रदर्शन, लाठीचार्ज, दर्जनों घायल

UP 68500 Assistant Teacher Recruitment: 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर विधान भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे बीटीसी अभ्यर्थियों पर पुलिस ने शुक्रवार को जमकर लाठियां भांजीं। सड़क पर प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। दर्जनों अभ्यर्थी घायल हो गए। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ मच गई। खून से लथपथ अभ्यर्थियों को  सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस ने इसके बाद करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर हजरतगंज कोतवाली ले आई। सभी लोग उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के बैनर तले एकजुट हुए थे।

दोपहर करीब एक बजै सैकड़ों की संख्या में बीटीसी अभ्यर्थी विधान भवन के सामने आ धमके। इस दौरान सभी ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश करने लगे।  लगातार दूसरे दिन यातायात बाधित होता देख पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकारकर प्रदर्शनकारियों को सड़क के किनारे ढकेल दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सभी को समझा- बुझाकर प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की लेकिन वह उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता हुए बगैर मानने को तैयार नहीं थे। काफी देर इंतजार के बाद भी कोई नतीजा न निकलता देख प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। प्रदर्शनकारी जैसे ही आगे बढ़े पुलिस कर्मियों ने लाठियां भांजना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज होते ही चीख पुकार के साथ भगदड़ मच गई। जो जहां मिला उसे वहीं लाठियों से पीटा। इस दौरान दर्जनों अभ्यर्थी घायल चोटिल हो गए। प्रदर्शन में शामिल अभिषेक यादव का कहना है कि सरकार की गलती का खामियाजा हमें उठाना पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन में न्यूनतम अहर्ता 40 से 45 प्रतिशत थी लेकिन बाद में सरकार ने इसे घटाकर 30 से 33 प्रतिशत कर दी। जिसे ध्यान में रखकर सभी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी पर परीक्षा का परिणाम 40 से 45 प्रतिशत अहर्ता के आधार पर जारी कर दिया गया। जिसके चलते कई अभ्यर्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके। 68 हजार 500 सहायक अध्यापक भर्ती में से 28 हजार पद खाली रह गए। नौकरी के लिए आवेदन किया था अब लाठियां मिल रही हैं। वहीं अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट ने भर्ती प्रक्रियां में हुई धांधली पर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अगर धांधली के आरोप सही पाए जांएगे तो भर्ती प्रकिया निरस्त होगी। लेकिन हमारी मांग न्यूनतम अर्हता व रिक्त पदों को भरे जाने को लेकर हैं। जिसके सम्बन्ध में आगामी 12 नवंबर को कोई में सुनवाई भी होनी है। लाटीचार्ज में घायल हुए प्रदर्शनकारियों का हाल लेने  नेता विपक्ष राम गोविन्द चौधरी व सपा के वरिष्ठ नेता अहमद हसन व रामगोविन्द चौधरी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सभी का दुख -दर्द पूंछा और उनके आन्दोलन को सही बताते हुए इस मुद्दे को विधान भवन में उठाने की बात कही।