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जापान पहुंचे PM मोदी , जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मिले पीएम मोदी

जापान पहुंचे PM मोदी, भारतीयों ने ऐसे किया स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने समकक्ष शिंजो आबे के साथ भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंच गए. यह दो दिवसीय सम्मेलन 28 और 29 अक्टूबर को आयोजित होगा. शनिवार को टोक्यो पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. टोक्यो पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि जापानी समकक्ष शिंजो आबे के साथ उनकी बैठक दोनों देशों के मजबूत रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ेगी.दोनों देशों के बीच रविवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की जाएगी और द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘शिंजो आबे के साथ 5वें वार्षिक सम्मेलन के लिए टोक्यो पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. जापान उन कुछ देशों में शामिल है, जिसके साथ भारत वार्षिक सम्मेलन करता है. यह हमारे संबंधों की असाधारण मजबूती को दिखाता है.’इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘टोक्यो पहुंच गया हूं. मैं आश्वस्त हूं कि यह यात्रा भारत और जापान के मजबूत रिश्ते में नया अध्याय जोड़ेगी.’ जापान रवाना होने से पहले शुक्रवार को बयान जारी कर मोदी ने कहा, ‘जापान हमारा मूल्यवान सहयोगी है. हमारा जापान के साथ विशेष सामरिक और वैश्विक गठजोड़ है. जापान के साथ हमारे आर्थिक और सामरिक सहयोग में हाल के वर्षो में काफी बदलाव आया है.’उन्होंने कहा, ‘जापान के साथ हमारी विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी है. जापान के साथ हमारे आर्थिक और सामरिक सहयोग में हाल के वर्षो में पूरी तरह से परिवर्तन आया है. आज हमारा सहयोग काफी गहरा और उद्देश्यपूर्ण है. भारत और जापान के बीच सहयोग हमारी एक्ट ईस्ट नीति और मुक्त, खुले व समावेशी हिन्द प्रशांत क्षेत्र के प्रति साझी प्रतिबद्धता पर आधारित है.उन्होंने बताया कि सितंबर 2014 में उनकी प्रधानमंत्री के रूप में पहली जापान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ यह 12वीं बैठक होगी. मोदी ने कहा, ‘हमारे बीच यह पूरक भाव ही भारत और जापान को विजयी युग्म बनाता है. जापान आज के समय में भारत के आर्थिक और प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण में सबसे विश्वसनीय सहयोगी है.’उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर और समर्पित फ्रेट गलियारा जैसी परियोजनाएं दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय और मजबूत आर्थिक सहयोग को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि जापान हमारे देश में स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी राष्ट्रीय पहलों में बढ़कर सहयोग कर रहा है. जापानी निवेशकों का भारत के आर्थिक भविष्य में भरोसा बना हुआ है. धानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर जापान पहुंच गए हैं। पीएम मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात करेंगे। पीएम मोदी आबे के साथ पूरा दिन यामानशी स्थित उनके लेक हाउस में बिताएंगे। दोनों इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के मुद्दे पर प्रमुख रूप से बात करेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी और आबे के बीच यह 13वीं मुलाकात है।

हिंद प्रशांत क्षेत्र में बन रहे गठजोड़ में भारत, जापान के साथ ही अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल है। एक तरह से चीन की गतिविधियों का जवाब देने के लिए इस भूराजनैतिक समीकरण को तैयार किया जा रहा है। रविवार को दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

हिंद प्रशांत क्षेत्र अफ्रीका के पूर्वी तट से लेकर प्रशांत तक फैला हुआ है। इस क्षेत्र के लिए नीतियों को तैयार करना दोनों देशों के लिए अहम है। दोनों देशों को इस बात के लिए बाकी देशों को राजी करना होगा कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ हिंद-प्रशांत ऐसा कोई ‘एक्सक्लूसिव क्लब’ नहीं है जिसे क्षेत्र पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए तैयार किया गया है।

इसी वजह से मोदी और आबे इस बात की घोषणा कर सकते हैं कि भारत और जापान दूसरे देशों के लिए हिंद प्रशांत में निहित हितों के लिए मिलकर काम करेंगे। वहीं बांग्लादेश में भारत सड़क और पुलों का निर्माण कर रहा है। इसे भारत और जापान की संयुक्त परियोजना का रूप दिया जाएगा। श्रीलंका में एलएनजी टर्मिनल और उत्तर में बंदरगाह के विकास का काम भी इन दोनों देशों की तरफ से होगा।

माना जा रहा है कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच सुरक्षा के मुद्दे पर भी बात हो सकती है। इस मुलाकात से द्वीपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी। जापान पहुंचने पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, टोक्यो पहुंच गया हूं। मैं आश्वस्त हूं कि यह यात्रा भारत और जापान के मजबूत रिश्ते में नया अध्याय जोड़ेगी।

भारत और जापान की सालाना बैठक में भारतीय प्रशांत क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इस दौरान पीएम मोदी जापान के साथ कारोबार बढ़ाने को लेकर शिंजो आबे और बिजनेस लीडर्स के साथ चर्चा करेंगे। इससे हेल्थकेयर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, आपदा के खतरे को कम करने, आपदारोधी निर्माण के क्षेत्र में सहयोग मिलेगा।

दोनों की मुलाकात के दौरान किसी तीसरे देश में ज्वाइंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के साथ रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मानवरहित वाहन (यूएवी) और रोबोटिक्स के विकास पर भी चर्चा की उम्मीद है।

जापान रवाना होने से पहले शुक्रवार को मोदी ने जापान को आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र का भरोसेमंद साझेदार बताया था। उन्होंने कहा था कि एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत भारत प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र और खुलेपन के लिए दृढ़ संकल्पित है।