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वादा पूरा न होने से नाराज प्रशांति प्रधानमंत्री को लौटाएंगी अर्जुन अवार्ड

वादा पूरा न होने से नाराज प्रशांति प्रधानमंत्री को लौटाएंगी अर्जुन अवार्ड

एक ओर प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने में लगी हुई है, वहीं अफसर इस प्रयास पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। वर्ष 2017 में अर्जुन एवार्ड (भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा सम्मान ) से सम्मानित प्रशांति सिंह प्रदेश सरकार से नाराज हैं। वह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अर्जुन अवार्ड वापस करेंगी।

दशहरे में अपने घर दिल्ली से छुट्टी मनाने बनारस आई प्रशांति ने शनिवार को बताया कि हर ओर से निराश होकर अब अपने संसदीय क्षेत्र के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अर्जुन अवार्ड वापस कर दूंगी। यूपी दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि अर्जुन एवार्डी खिलाड़ी को उसके गृहनगर में भूखंड या मकान दिया जाएगा। एक वर्ष से अधिक समय हो गया है लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिल रहा है।एमटीएनएल दिल्ली में कार्यरत प्रशांति ने कहा कि मैं बास्केटबॉल में भारत की कई बार कप्तान रही, दो एशियाई खेलों और एक कामनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने यहां नौकरी तक नहीं दी, इसके कारण यहां से खिलाड़ियों का पलायन हो रहा है। कुछ समय पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एथलीट सुधा सिंह को उप निदेशक खेल का पद देने की घोषणा किया तो दूसरी ओर खेल मंत्री चेतन कहते है यह विभागीय प्रोन्नति का पद है। इसलिए उन्हें यह पद नहीं दिया जा सकता। बनारस की कामनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पूनम यादव और कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति सिंह को आज तक प्रदेश सरकार ने नौकरी नहीं दी, जबकि दो वर्ष से उनके कागजात सचिवालय में धूल खा रहे हैं।