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एमजे अकबर ने दिया मंत्री पद से इस्तीफ़ा

#MeToo के लपेटे में आए एमजे अकबर ने विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया. यह पहली बार है, जब मोदी सरकार के किसी मंत्री ने किसी विवाद में घिरने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया है.

#MeToo के लपेटे में आए एमजे अकबर ने विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके ऊपर अब तक 20 महिला पत्रकारों ने #MeToo अभियान के तहत आरोप लगाए हैं. अकबर पर पहला आरोप वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी ने लगाया था, जिसमें उन्होंने एक होटल के कमरे में इंटरव्यू के दौरान की अपनी कहानी बयां की थी.

रमानी के आरोपों के बाद अकबर के खिलाफ आरोपों की बाढ़ आ गई और एक के बाद एक कई अन्य महिला पत्रकारों ने उन पर संगीन आरोप लगाए. अकबर पर ताजा आरोप एक विदेशी महिला पत्रकार ने लगाया कि 2007 में जब वो इंटर्नशिप के लिए आईं तो वो सिर्फ 18 साल की थीं और उनके साथ एमजे अकबर ने गलत हरकत करने की कोशिश की.

यह पहली बार है, जब मोदी सरकार के किसी मंत्री ने किसी विवाद में घिरने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया है. इस्तीफे से पहले अजीत डोभाल ने उनसे मुलाकात की थी और फिर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को इसकी रिपोर्ट दी थी. हालांकि एमजे अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि वो अपनी लड़ाई कोर्ट में लड़ेंगे.

सुत्रों के मुताबिक पीएमओ की दखलंदाजी के बाद एमजे अकबर का इस्तीफा हुआ है. मामले को लेकर एनएसए अजीत डोभाल ने एमजे अकबर से मुलाकात की थी. इस मसले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की भी राय ली गई.

वहीं, एमजे अकबर के इस्तीफे के बाद प्रिया रमानी ने ट्वीट कर कहा, ‘अकबर के इस्तीफे से हम महिलाओं को सुकून मिला है. हम खुद को दोषमुक्त महसूस कर रही हैं. मुझे उस दिन का इंतजार है, जब कोर्ट में मुझे न्याय भी मिलेगा.’